ओजोन एक गैस होती है। यह गैस ऑक्सीजन का ही एक रूप है। इस गैस की एक मोटी परत हमारे वायुमंडल में स्थित है। ओजोन की परत हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सूर्य का प्रकाश जब पृथ्वी पर आता है, तो ओजोन परत प्रकाश में उपस्थित घातक पराबैगनी किरणों को सोख लेती है और पृथ्वी तक ये किरणें नहीं पहुंच पाती। यदि ओजोन परत पराबैगनी किरणों को ना सोखे और ये किरणें पृथ्वी पर आ जाए, तो अनेक गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो सकती है, जैसे- त्वचा का कैंसर, अंधापन आदि। आज हमारी लापरवाही से ओजोन में एक छेद हो गया है, जो बढ़ता ही जा रहा है। इस छेद का कारण क्लोरोफ्लोरोकार्बन नामक रसायनिक पदार्थ है। यह पदार्थ एयर कंडीशनर, फ्रीज, दूध को ठंडा करने वाले बड़ी-बड़ी डेयरियों में उपस्थित यंत्रों में होता है। हमें ओजोन परत को बचाए रखने के लिए इन यंत्रों का कम से कम उपयोग करना चाहिए। यदि हमने ओजोन परत की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया, तो वह नष्ट हो जाएगी। उसके नष्ट होने से पृथ्वी से जीवन के समाप्त होने का खतरा है।


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