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गद्यांश 29 सिमी एक मादा पिल्ला

 सिमी एक मादा पिल्ला थी। वह बड़ी आकर्षक थी। आशा को वह एक पार्क में रोती हुई मिली थी। जब उसने उसे ऊपर उठाया तो सिमी ने रोना बंद कर दिया और उसे देखने लगी। आशा को उसका देखना अच्छा लगा और उसने उसे घर ले जाने का निश्चय कर लिया। उसकी मां ने भी इस विचार को मान लिया। उन दोनों ने उसका नाम रखा 'सिमी' और उसे खुशी-खुशी घर ले आए। अभी तक उस मादा पिल्ले को किसी ने कुछ सिखाया नहीं था। इसलिए आशा ने सोचा कि वह उसे सिखाएगी। अगली सुबह वह सिमी को बाहर ले गई और उसे कुछ बातें सिखाई। सिखाने वाले को कुछ कठोर होना ही पड़ता है। इसलिए जब उसने बात नहीं मानी तो उसने दंड दिया और जब वह जो चाहती, कर दिखाया तो उसे इनाम दिया। एक सप्ताह के भीतर ही सिमी एक अच्छी सभ्य पिल्ला बन गई।

Question of

Good Try!
You Got out of answers correct!
That's

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