एक वन में एक रहट था। उसमें बहुत सारे मेंढक रहा करते थे। उनमें मेढकों की मुखिया का नाम गंगदत्त था। एक बार गंग दत्त रहट से पानी निकालने वाली टिंडों की माला में बैठकर कुएं से बाहर आया। बाहर की दुनिया देखकर वह बड़ा प्रसन्न हुआ। वह फुदक-फुदक कर वन की हरियाली में सैर करके बड़ा आनंद प्राप्त करने लगा। काफी देर तक फुदकने-घूमने के बाद वह हरी घास से भरे एक मैदान में पहुंचा। उसने देखा वहां एक भूख-प्यास से मरियल हो रहा सांप पड़ा है। सांप को गंग दत्त ने जीवन में पहली बार देखा था। उसे उसका रंग रूप और आकार-प्रकार बहुत अच्छा लगा।

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