एक दिन एक बकरी भटक कर जंगल में पहुंच गई। जब वह घास खा रही थी तो वहां एक शेर आ पहुंचा। बकरी वहां से हिली नहीं और शेर का मुकाबला करने को तैयार हो गई। यह देखकर शेर बैठ गया और बोला, "नन्हीं बकरी! घबराओ मत, मैं तुम्हें अभी नहीं खाऊंगा। यदि तुम मुझे तीन सत्य बता दो, तो मैं तुम्हें छोड़ सकता हूं।" बकरी तुरंत सोच कर बोली, "धन्यवाद श्रीमान, मैं प्रयत्न करूंगी। पहला सत्य है कि यदि मैं लौट कर अपने मित्रों के पास जाऊँ और उन्हें बताऊं कि मुझे एक शेर मिला जिसने मुझे नहीं खाया, तो वे मेरा विश्वास नहीं करेंगे।" शेर ने कहा, "बिल्कुल ठीक।" "दूसरा सत्य यह है कि यदि आप अपने मित्रों को बताएं कि आपको एक बकरी मिली, फिर भी आपने उसे नहीं खाया, तो वे आपका विश्वास नहीं करेंगे।" "तुम ठीक करती हो", शेर ने कहा। "और, श्रीमान तीसरा सत्य है कि आप यहां बैठकर मेरी बात सुन रहे हैं, इसका मतलब यह है कि आप वास्तव में भूखे नहीं है।" "तुम्हारी यह बात भी ठीक है", शेर ने कहा, "किन्तु इससे पहले कि मैं अपना इरादा बदलूँ तुम यहां से भाग जाओ। अगली बार मैं तुम्हें नहीं बख्शुंगा।" "अगला मौका आ ही नहीं पाएगा। आप मुझे दोबारा नहीं पकड़ पाएंगे", बकरी ने भागते हुए कहा, "यह चौथा सत्य है।"

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