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GSM TEACHER - SANTOSH TARAK वनांचल क्षेत्र के स्कूल में स्मार्ट कक्षा की शुरुआत

                                              

विजय और सफलता पाने के लिये जीवन में शिक्षा को सबसे शक्तिशाली हथियार के रुप में माना जाता है। अपने देश के भविष्य और युवाओं के जीवन को बनाने और उसे आकार देने के लिये इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी और कार्य को करने के लिये शिक्षकों को दिया जाता है। शिक्षा की ओर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को शिक्षक निभाता है और बच्चों के वर्तमान और भविष्य को बनाता है।
संतोष कुमार तारक सहायक शिक्षक एलबी, शास प्रा शाला शुक्लाभांठा संकुल शोभा विकासखंड मैनपुर जिला गरियाबंद की  नियुक्ति जनवरी 2009 में हुई उस समय शाला में बच्चो की उपस्थिति दर्ज संख्या का आधा ही रहता था
यह गांव उदनती सीता नदी अभ्यारण्य की सीमा में बसा है।  वन क्षेत्र होने के कारण यहां के लोग  वनोपज संग्रह हेतु वन को जाते हैं और अपने साथ अपने बच्चो को भी के जाते थे,जिसके कारण बच्चो कि उपस्थिति कमजोर रहता था ।
इसे दूर करने के लिए घर घर संपर्क किया, माताओं को शिक्षा के महत्त्व को समझाया शाला में  एम डी एम की स्थिति को सुधार किया, सप्ताह में एक दिन बच्चो के लिए कुछ न कुछ मीठा खाद्य  ले जाता था।
माताओं का शाला में बने रहने के लिए उनके अनुरूप समय समय पर खेलों का आयोजन किया,
बच्चो में सीखने के प्रति आकर्षण बनाने के लिए शिक्षण सामग्री का निर्माण कर पढ़ाई किया जा रहा है।
वर्तमान में बच्चो की उपस्थिति संतोष जनक है, शाला में स्मार्ट कक्षा की शुरुवात हो गई है , दूसरी स्मार्ट कक्षा शुरू होने के डगर पर है


 
     




           

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